क्या चितित्सक एक है? क्या हम संगठित होना चाहते है? बड़े सहरो में तो एक दुसरे को जानते नहीं, लेकिन छोटे सहर कसबे में भी एक दुसरे की टांग खीचते है| दुसरे डा की मरीज छिनने का प्रयाश, फिर जनता ल्पब्लिक तो हमारी पिटाई करेगी ही| एक दुसरे की मदद की बात तो दूर उलटा फ़साने की सोचते है, कोई रास्ता, चिंतन का समय क्या आई एम् ए को मजबूत करेंगे| चुनाव के समय आई एम् ए अपनी बात रखेगी, न माने तो विरोध करेंगे| ट्रक वाले भी हमसे ज्यादा संगठित है| कोई हमारी बात रखेगा| अब सोचने का समय है, अभी भी नहीं चेते तो और भी बुरा दिन आने वाला है| दवा विक्रेता डा से ज्यादा संगठित है| कोई उनकी अनुमति /एन ओ सी के उस राज्य में दवाई लांच नहीं कर सकता| एक सहर के ही डा महीने भर की दवा एक साथ मंगवा सकते है| English Translation: Are Doctors united?
Do they really want to come together? In big cities they hardly know…